ITI COPA (Computer Operator and Programming Assistant) एक 1-वर्षीय वोकेशनल कोर्स है, जिसमें कंप्यूटर संचालन, प्रोग्रामिंग, MS Office, और इंटरनेट की बुनियादी शिक्षा दी जाती है। यह 10वीं पास छात्रों के लिए ITI में सबसे लोकप्रिय कंप्यूटर कोर्स है, जो NCVET/NCVT द्वारा मान्यता प्राप्त है और सरकारी व निजी नौकरी के अवसर प्रदान करता है।

COPA ITI एक अच्छा कोर्स है जो कंप्यूटर से जुड़ी शुरुआती जानकारी देता है और तकनीकी क्षेत्र में बढ़ने के कई अवसर प्रदान करता है। अगर आपको कंप्यूटर में रुचि है और आप प्रोग्रामिंग तथा ऑपरेशन सीखना चाहते हैं तो COPA कोर्स आपके लिए उपयुक्त रहेगा।

वैल्डरव्यवसाय में प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थियेो हतु नेजगार तथा स्वरोजगारकेशी 1 निर्माण कार्य में भवनों के दरवाजे, खिड़किया, जिला कर्कशॉप रोड़ आदिकरवाना। 2. स्टील फर्नीचर बनाना तथाउसका रिपेयर कार्य करना। उ याहनों की बोडी, चेशिश बनाना तथा रिपेयरिंग तर्क करना। 4. हस्तशिल्प छोटि बड़े आईटमों को आर्कव गैस वेल्डिंग द्वारा बनाना। 5. आर्क तथा गैरा कटिंग का कार्य करना। द‌बॉयलर तथा गैस सिलेण्डर द्वारा वेल्डिंग का कार्य करना। राजकीय एवं सार्वजनिक उपकरणों में जैसे-विद्युत मण्डल, सार्वजनिक निर्माण विभाग, परिवहन निगम, रेल्वे वर्कशप, डिफल्स डेयरी इत्यादि विभागों से वेल्डिंगका कार्य किया जाता है। त्र औद्योगिक कायों में वैल्डिंग कार्य किया जाता है। कैडरव्यवसाय में प्रशिक्षणार्थियों को दी जानेवाली तकनीकी दक्षता 2 आर्क वेल्डिंग, गैस वेल्डिंग पर हाई प्रेशर तथा सो प्रेशर प्लान्ट) फैरस सेटल नोन फैरस मेटल इनके अलोय, इनके गुण लाभ उपयोग आदि के बारे में जानकारी देता। फैरस मैटल और नगीन फैलस सेठल की अर्कि तथा जैस कटिंगका कार्य करवाना। 4 धातुओं को जोड़‌ने के विभिन्न विधियों जैसे-सोन्डिरिंग ट्रेजिन वेल्डिंग 5 गैस तथा आर्किडग द्वारा विभिन्न प्रकार केकेन्ड जोड तैयार करना। इवेडिंग द्वारा बनाये गये ओडों के दोष की जारी देता व इनका निरक्षण तथा परिक्षण करना। 8. विभिन्न पाईपरट्रक्चर की वेन्टिम मरतार्य करना। दिष टूल्स चलाना।

मैकेनिक डीजल व्यवसाय में प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों हेतु रोजगार एवं स्वरोजगार के क्षेत्र :- निजी वर्कशॉप ल‌गाकर इंजिन सर्विसिंगव मरम्मत कार्य। 2. डीजाल इंजिन से सम्बन्धित उपकरण जैसे: फ्यूल इंजक्शन पम्मा एवं इंजेक्टर सर्विसिंग एवं मरम्मत तथा स्कूटर, मोटर- साइकिल, मोपेड, श्री व्हीलर का मरम्मत व सर्विसिंग कार्य। ॐ विधुत उपकरण जैसे डायनेमी, एल्टरनेटर, सेल्फ, स्टार्टर, बैटरी की मरम्मत कार्य वाटर पेम्मा, रडिएटर, व ऑयल पम्प की मरम्मत कार्य । 4. सिलेण्डर हेड सर्विसिंग में वॉल तथा वॉल शीट ग्राइंडिंग कार्य।मैकेनिक डीजल व्यवसाय में प्रशिक्षणार्थियों को दी जाने वाली तकनाकी दक्षताः 1 इंजिन को सिद्धान्त तथा कार्य प्रणाली की विस्तृत जानकारी। 2. इंजिन के पुर्जी की जानकारी जैसे:पुर्जे की बनावट, मैटेरियल, कार्य प्रकार, खराबी व उनका निस्तारण तथा रख-रखाव । 3. कूलिंग सिस्टम में प्रयुक्त पुर्जे जैसे रेडिएटर थर्मोस्टट वाल्व, वाटर पम्प, फैज, फैन बल्द, वाटर जैक्ट की जानकारी, रख-रखाद 4. लुब्रिकेशन सिस्टम में प्रयुक्त पुर्नेः आयल परमण, आयल फिल्टर सम्मा व ऑयल बदलना, पुजा की मख्मत तथा रख रखाव । 5. फ्यूल सिस्टम में प्रयुक्त पुर्जे जैसे फ्यूल इंजक्शन, पम्प, फीड पम्प, फ्यूज टेकन, इंजेक्टर, फ्यूल फिल्टर, फ्यूल पाइए की मरागत एवं रख रखाव ।

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फिटरव्यवसाय में प्रशिक्षणार्थियों को दी जानेवाली तकनीकी दक्षता 1 विशिले औजारों के बारे में जानकारी जैसे- (१) होल्डिंग टूल-चाइसे समी प्रकारकी (01) कटिंग टूल-चीजल, हैक्सा, ड्रिल, रिमर, स्क्रेपर इत्यादि (11) मार्किगाडूल- सरकेश व संस्र प्लेट, सकाइवर करनिवर हाइट गैज, बी ब्लोक आदि (IV) मैरिंग टूल-बरनीयर कैलीपर, माइ‌क्रोमीटर इत्यादि (Y) चीट मारने बाले औजार हैमर (VI) नापने वाले औजार-स्टील रूळ, कैलीपर इत्यादि (VII) विभिन्न प्रकार के गेज रिंग मेज, वायर गेज, स्लीप 2. ड्रिलिंग मशीन, पावरा, ग्राइन्डिंग मशीन हलेथ मशीन इत्यादि को चलाने की दक्षता । 5. विभिन्न धातुओं के बारे में आवश्यक आनकारी। फिटर व्यवसाय में प्रशिक्षण प्रप्त प्रशिक्षणार्थियों हेतु रोजगारखं स्वरोजगार के शहर 1 निर्माण कार्य में घरकी फिटिंग करना पाइप पर चूड़ियां काटना (जी.आई पाइय) 2. पाड्य फर्नीचर निर्माण एवंर्वेस्टिंग कार्य जैसे-पाइय चैवर, पाइप स्टूल, टेबल, पंलग निर्माण छां रिपेयरकाकार्य। उ हस्त शिल्प आइटमों के निर्माणकार्य में जैसे-प्लायर बनाना डी.ई. स्पेनर बनाना हैमर, चीजल, स्कु ड्राइवर, हैक्साफेर, नट बनान, चाबियां बनाना । 4. ड्रिलिंग, रिमिंग, मार्किंग, टेपिंग कार्य । 5. राजकीय एवं सार्वजनिक उपक्र‌मों में उदाहरणतः रेल्वे वर्क शाप, जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग, परिवहन निगम, सार्वजनिक निर्माण विभाग, डिफेन्स डेयरी इत्यादि विभागों में फिटर के रूप में। 6. विभिन्न औद्योगिक ईकाइ‌यों में फिटरका कार्य ।

ITI COPA (Computer Operator and Programming Assistant) एक 1-वर्षीय वोकेशनल कोर्स है, जिसमें कंप्यूटर संचालन, प्रोग्रामिंग, MS Office, और इंटरनेट की बुनियादी शिक्षा दी जाती है। यह 10वीं पास छात्रों के लिए ITI में सबसे लोकप्रिय कंप्यूटर कोर्स है, जो NCVET/NCVT द्वारा मान्यता प्राप्त है और सरकारी व निजी नौकरी के अवसर प्रदान करता है।

COPA ITI एक अच्छा कोर्स है जो कंप्यूटर से जुड़ी शुरुआती जानकारी देता है और तकनीकी क्षेत्र में बढ़ने के कई अवसर प्रदान करता है। अगर आपको कंप्यूटर में रुचि है और आप प्रोग्रामिंग तथा ऑपरेशन सीखना चाहते हैं तो COPA कोर्स आपके लिए उपयुक्त रहेगा।

व्यवसाय मैकेनिक मोटर लीकल व्यवसाय में प्रशिक्षणार्थयों दर नीतितालिम तकनीकि द्वय 1. एक अच्छा मेकनिक बनाना । 2. सर्विण सेन्टर एवं ऑटो इलेक्ट्रीकल कार्य । 3. वाहन ड्राइविंग व टायर ट्यूब पचिग कार्य। 4.पमा डीजल एवं रेडियटर सक्सि । 5. टू व्हीलर एवं हैड रिपेयरिंग । 6. इसा व्यवसाय में दो पहिया वाहनों से लेकर चार पहिया हल्के एवम् भारी वाहनों में प्रयुक्त होने वाले इंजनों पेट्रोल एवं डीजले का प्रशिक्षण दिया जाता है। D. मोटर सकेनिक व्हीकल में प्रशिक्षणाडियों हेतु रोजगार एवं स्वरोजगार के बीज 1. वर्कशॉप एवं विशेषज्ञ मैकेनिक । 2. स्पेयर पार्ट्स मैनिक एवं पार्टस सेल्समन । 3. सेल्स मेनेजर 4. वर्कशाप का फारमन । 5. सरकारी नौकरी में मोटर व्हीकल इत्सपेक्टर 6. रेल्वे डीजल रोड में मैकेनिक । 7. भारत की सरकारी रोडवेज में मैकेनिक । 8. हवाई अड्डों पर मैकेनिक ।' vivo YO2 9. भारतीय सेना में।

वायरमेन व्यवसाय में प्रशिक्षणार्थियों को दी जाने वाली तकनीकी दक्षताः 1. विद्युत उसके प्रकार, प्रभाव व आवश्यक जानकारी। 2. विद्युत हस्त-औजार प्रयोग, रख रखाव । उ प्रतिरोधी को जोड़ना, मान ज्ञात करना व उसके आवश्यक नियमों की जानकारी। 4. विद्युत जनित्र, उसका कार्य सिद्धान्त, भाग व रिपेरिंग की जानकारी । 5. विद्युत यंत्र प्रकार सिद्धान्तव प्रयोग की जानकारी। 6. विद्युत सहायक सामग्री की जानकारी । 7. विद्युतउपकरण उसकी देखभाल, मरम्मत की जानकारी । 8 विद्युत चालक के बिल) उसके प्रकार प्रयोगव ज्वाईन्ट (आओड़े) लगाने, सोल्ड्रींग करने की जानकारी। वायरमेन व्यवसाय में प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थीयों हेतु रोजगार संस्क्रो जगारखे शत्र 1 वर्तमान में विद्युत वायरिंग करने वाले वायरमेन का कार्य हीन प्रत्येक शीन में है। 2. मकानों / घरी में रोशनी व विभिन्न कार्यकेि लिए प्रयोग में आने वाले विद्युत उपकरण के लिए वायरिंग करके। घरी में विद्युत उपकरणों का प्रयोगबढ़ गया है, तो उनके खराब होने पर रिपेरिंग करके सी स्वरोजगार प्राप्त कर सकता है। 4 वाहनों की वायरिंग, रिवाइण्डिंग का कार्य करके। 5. घोटे विद्युत उपकरणों के पार्टस, जैसे-हिटिंग एलीमेन्ट, प्रेस एलीमेन्ट, यायरिंग लकड़ी बोर्ड व कैपेसिटर इत्यादिबनाकर । १. विद्युत वायरिंग, उसके प्रकार करने का तरीका सहायक सामग्रीकी जानकारी || 6. अलग पार्टस की एंसम्बल कर पूर्ण उपकरण बनाकर । विभिन्न औद्योनिकइकाईयों में जैसे-सिमेन्ट प्लॉट पावर प्लॉट इत्यादि ।

आईटीआई इलेक्ट्रीशियन (ITI Electrician) एक पेशेवर कोर्स है जो बिजली से संबंधित उपकरणों की मरम्मत और फिटिंग का प्रशिक्षण देता है। यह कोर्स आमतौर पर 2 साल का होता है और इसे 10वीं कक्षा के बाद किया जा सकता है।

विद्युत कार व्यवसाय में दी जाने वाली तकनीकी दक्षता:

1. व्यवसाय का परिचय विद्युत, विद्युतकार, महत्व, सावधानियां

2. प्रारंभिक विद्युत, प्रभाव, संरचना, प्रकार, चिन्ह एवं प्रतीक।

3. ओहम , किरचोफ, प्रतिरोध आदि नियम, विद्युत परिपथ एवं संयोजन।

4. विद्युत रासायनिक प्रभाव, फेराडे के नियम विद्युत चुम्बक।

5. डी. सी जनित्र, डी. सी, मोटर, भाग, प्रकार, नियम एवं स्टार्टस

💡 मुख्य जिम्मेदारियाँ

वायरिंग: घरों और कारखानों में बिजली के तारों का जाल बिछाना।

रखरखाव: मशीनों और बिजली के पैनलों की नियमित जांच करना।

मरम्मत: पंखे, मोटर, कूलर और अन्य उपकरणों के खराब होने पर उन्हें ठीक करना।

सुरक्षा: शॉर्ट सर्किट और बिजली के झटकों से बचने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना